आयुष ग्राम गुरुकुलम् का लक्ष्य और उद्देश्य क्या है?

आज सभी की चाह है कि देश को मन, शरीर और कर्म से भारतीय, संस्कारवान्, अधिकारी, जज, शिक्षक, प्रोपेâसर, डॉक्टर और अधिवक्ता देश को मिलें। देश को अनुशासित समाज मिले। ऐसी पीढ़ियों के निर्माण करने का एक मात्र स्थान है गुरुकुल प्रणाली। क्योंकि जब तक शिक्षा को व्यापार मानकर दक्षिणा के स्थान पर मोटी फीस ऐंठी जाती रहेगी, तब तक किसी भी प्रकार के परिवर्तन की आशा नहीं की जा सकती। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था समाज एवं परिवार दोनों को विनाश के मार्ग पर ले जा रही ही है, आज कॉलेजों और स्वूâलों में अपराध विकसित हो रहे हैं। इसीलिए, अनुशासित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आयुष ग्राम गुरुकुलम् की स्थापना की गई है।

आयुष ग्राम गुरुकुलम् में किन विषयों की शिक्षा की व्यवस्था है?

आयुष ग्राम गुरुकुलम को उ.प्र. सरकार द्वारा कक्षा ६ से कक्षा १० तक सभी आधुनिक और प्राचीन विषयों – अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान, गणित, वेद, संगीत, गृह विज्ञान, संगीत, सामाजिक विज्ञान, साहित्य आदि की मान्यता प्राप्त है एवं १२वीं की मान्यता हेतु पत्रावली शासन में विचाराधीन है। कक्षा ८ के बाद छात्र की योग्यता और रुचि के अनुसार उसे विषयों को लेने का मार्गदर्शन किया जाता है।

आयुष ग्राम गुरुकुलम् का संचालन किस प्रकार किया जाता है?

आयुष ग्राम गुरुकुलम् पूर्णतः आवासीय गुरुकुलम् है जिसमें देश के ऐसे श्रेष्ठ आचार्यों द्वारा विभिन्न विषयों की शिक्षा दी जाती है। जिन्होंने स्वयं गुरुकुलों में शिक्षा ग्रहण की है तथा संयम, समर्पण और संस्कार जिनका ध्येय है उन्होंने व्यसन के नाम पर लौंग भी ग्रहण नहीं की।

आयुष ग्राम गुरुकुलम् को किस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है?

आयुष ग्राम गुरुकुलम् को उत्तर प्रदेश सरकार के यू.पी.बी.एस.एस.ई. से मान्यता है।

आयुष ग्राम गुरुकुलम् की मान्यता के लिए सी.बी.एस.एस.ई. की जगह यूपीबीएसएसई के चयन का क्यों किया गया?

इसलिए कि सभी बोर्डों की भाँति यूपीबीएसएसआई के पाठ्यक्रम में भी हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, साइंस, गणित, सामाजिक विज्ञान (इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र), कम्पप्यूटर विषय तो हैं ही, साथ ही इसमें पाणनीय व्याकरण का गहन ज्ञान,  कालिदास, भास, दण्डी, माघ : वणभट्ट, भवभूति, चाणक्य, वाङ्मय, न्याय (दर्शन), नीति शास्त्र, आचार व्यवहार, राष्ट्रवाद और श्रम सेवा महत्व के विषय विशेष रूप से शामिल हैं। जो कि सीबीएसएसई पाठ्यक्रम नहीं है। इस बोर्ड का पाठ्यक्रम इतना उत्तम है कि इस  इस बोर्ड के कक्षा ८ तक के विषय जिस विद्यार्थी के अच्छी तरह से तैयार हैं वह विद्यार्थी बीए और एमए तक के (कुछ विषयों के) प्रश्नपत्र हल कर लेता है।

अन्य विद्यालयों से आयुष ग्राम गुरुकुलम् भिन्न कैसे है?

आजकल शिक्षा मंदिरों से अभिभावक असंतुष्ट हैं और यह कहते पाए जा रहे हैं कि विद्यालयों की शिक्षा का स्तर इतना गिर गया है कि भारी भरकम शुल्क देकर पढ़ाये गए हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के विद्यार्थी भी १०० शब्दों का लेख नहीं लिख पाते हैं और कई विद्यार्थी तो प्रार्थना पत्र भी नहीं लिख पाते हैं। अनुशासन और आचरण पर तो कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा। जबकि आयुष ग्राम गुरुकुलम् के कक्षा ८ और १० के विद्यार्थी हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत तीनों भाषाओं में लेख, व्याख्यान, रचनायें और अंत्याक्षरी प्रस्तुत कर सभी को अपनी प्रतिभा से हैरान कर देते हैं और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पुरुस्कृत होते हैं।

आयुष ग्राम गुरुकुलम् की शिक्षा की क्या विशेषता है जो इसे अन्य विद्यालयों से अलग करती है?

आयुष ग्राम गुरुकुलम् में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में शामिल सभी आधुनिक विषयों के साथ-साथ पाणिनीय व्याकरण और प्राचीन वाङ्मय का इतना विशद और गहन अध्ययन कराया जाता है कि उनमें तर्वâ शक्ति, आंकिक योग्यता, गणितीय योग्यता, भाषागत अनुशासन और एकाग्रता की क्षमता और स्मरण शक्ति इतनी उत्कृष्ट हो जाती है जिससे आगे चलकर उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में विशेष सहायता मिलती है।

 

आयुष ग्राम गुरुकुलम् में विद्यार्थियों के प्रवेश लेने की क्या प्रक्रिया है?

आयुष ग्राम गुरुकुलम् में नए विद्यार्थियों का प्रवेश कक्षा ६ और कक्षा ९ में प्रवेश परीक्षा द्वारा लिया जाता है। प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है।

आयुष ग्राम गुरुकुलम् का शुल्क कितना है?

आयुष ग्राम गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाता है। अभिभावकों को केवल आवास, भोजन, शिक्षण सामग्री, वस्त्र, पुस्तवेंâ आदि का खर्च वहन करना होता है जिसका विस्तृत विवरण गुरुकुलम् की विवरणिका को डाउनलोड कर प्राप्त किया जा सकता है।