हम बचायेंगे गरीबों को हार्ट, रीढ़ के ऑपरेशन डायलेसिस और किडनी ट्रांसप्लांट से।

मैं सुधाकर विश्वकर्मा, ग्राम/पोस्ट- देवनाला, फतेहपुर (उ.प्र.) से हूँ। २०१६ में मुझे हार्ट अटैक पड़ा। कानपुर कार्डियोलॉजी में इलाज चला। दवा खाते-खाते पता चला दोनों गुर्दे पेâल हैं, डायलिसिस करानी होगी। तभी एक रिश्तेदार से आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रवूâट का पता चला। यहाँ पर मुझे २१ दिन रखा गया। उस समय मेरा क्रिटनीन ८.१ और यूरिया ११६.८ था। पंचकर्म चिकित्सा और औषधि सेवन से २१ दिन में मेरा क्रिटनीन घटकर ४.५ और यूरिया ७७.८ हो गया। डाक्टरों ने बताया चूंकि आपने अंग्रेजी दवा का ज्यादा सेवन नहीं किया है इसलिये आयुर्वेद की दवा ने शीघ्र असर दिखाया। ६ माह दवा खाने के बाद मैं अब पूरी तरह से ठीक हूँ।

मैं शिवकांत द्विवेदी, कल्ट्री रोड, दिबियापुर, औरेया (उ.प्र.) से हूँ। मेरी पत्नी गर्भवती हुई लेकिन ढाई माह बाद तबीयत बहुत खराब हो गयी। आभा नर्सिंग होम कानपुर के डॉक्टर ने जान का खतरा बताकर एबॉर्शन कर दिया। पर जाँच से पता चला कि दोनों किडनी पेâल हो गयीं। उस समय क्रिटनीन १८.३ तथा यूरिया १८.८ था। डाक्टरों ने डायलिसिस करनी शुरू कर दी। तभी किसी से पता चला कि डायलिसिस से कोई फायदा नहीं होता और मुझे आयुष ग्राम ट्रस्ट, चित्रवूâट में दिखाने की सलाह दी। सातवीं डायलिसिस के बाद मैं पत्नी आरती को लेकर आयुष ग्राम ट्रस्ट, चित्रवूâट पहुँचा। एक माह तक यहाँ रहा। प्रति सप्ताह जाँच में सुधार दिखाई देने लगा। एक माह में आरती का यूरिया घटकर ८६ और क्रिटनीन ५.३ हो गया और डायलिसिस बन्द हो गयी। अब केवल दवा चल रही है स्वास्थ्य में निरन्तर सुधार है।

मैं इमाम हुसेन, बिवांर, हमीरपुर (उ.प्र.) से हूँ। मेरे १८ वर्षीय बेटे अजीज अहमद को ज्वर हुआ उसने पैरासीटामोल खाया। ज्वर न उतरने पर गाँव की सीएससी में दिखाया तो मलेरिया बताकर ३ इंजेक्शन लगाये गये। चौथे दिन पीलिया बताकर इंजेक्शन व बोतल चढ़ाई। सातवें दिन पेशाब रुकने पर संजीवनी हॉस्पिटल, कानपुर दिखाया वहाँ से रीजेंसी भेज दिया गया। वहाँ चेकअप करने पर यूरिया ३०५, यूरिक एसिड १५ और क्रिटनीन १८. ५३ बताया। वहाँ पर सप्ताह में दो तीन डायलिसिस होने लगी। तभी हमारे गाँव के डॉक्टर पाठक जी ने बताया कि आप आयुष ग्राम चिकित्सालय चित्रवूâट, जायें वहाँ डायलिसिस बन्द हो जायेगी। यहाँ एक माह तक रखा गया पर २१ दिन भर्ती रखकर पंचकर्म चिकित्सा, योग प्राणायाम और औषधियाँ दी गयीं। जब हम आये थे तो यूरिया १०८ और क्रिटनीन ११.० था और अजीज हर समय आँख बन्द किये लेटा रहता था। हमारी छुट्टी हो गयी। ३ माह में अजीज का यूरिया, क्रिटनीन सब नार्मल हो गया।