स्थान: चित्रकूट धाम, उत्तर प्रदेश
विषय: स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद
एक दिवसीय पूर्णतः निःशुल्क वैद्यकीय संगोष्ठी, व्यावहारिक प्रशिक्षण, सम्मान समारोह एवं औषधि-गौशाला दर्शन।
23 नवम्बर 2012 को पुरवा तरौहा, चित्रकूट में श्री कामता प्रसाद वाजपेयी द्वारा आधारशिला रखी गई। वर्तमान में यह 25 एकड़ भव्य परिसर में फैला है।
विशुद्ध व शास्त्रोक्त आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र। यहाँ ओपीडी, 100 बिस्तरों की आईपीडी, पंचकर्म व इन-हाउस फार्मेसी उपलब्ध है।
आधुनिक शिक्षा (NCERT) और भारतीय गुरुकुल परंपरा का उत्कृष्ट समन्वय। विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा व आवास।
परिसर में लहसुन, प्याज व नशीले पदार्थों से मुक्त पूर्णतः सात्त्विक आहार-विहार का पालन होता है। साथ ही, रासायनिक खाद एवं पेस्टीसाइड से मुक्त गो-आधारित प्राकृतिक कृषि के जरिए अन्न और हरी सब्जियों का उत्पादन किया जाता है।
यहाँ 250 से अधिक गिर, देशी व साहिवाल गोवंश का श्रद्धापूर्वक संरक्षण व संवर्धन किया जाता है, जिसका उद्देश्य व्यावसायिक न होकर पूर्णतः सेवाभाव है।
परिसर में आयुष ग्रामेश्वर महादेव, भगवान धनवंतरी के साथ 22 जनवरी 2024 को आयुष विहारी श्रीराम मंदिर में श्रीराम दरबार, माँ दुर्गा और राधा-कृष्ण की प्रतिष्ठा की गई। यहाँ रोगियों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक शांति के लिए देवव्यापाश्रय चिकित्सा की ओर भी प्रेरित किया जाता है।
ट्रस्ट किसी भी सरकारी/गैर-सरकारी अनुदान या चंदे पर निर्भर नहीं है; इसका व्यय संस्थापक आचार्य डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी जी के पारिश्रमिक से वहन होता है। 30 वर्षों से अधिक के अनुभवी डॉ. वाजपेयी को आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (RAV) द्वारा वर्ष 2025 से 'गुरु' नियुक्त किया गया है, जहाँ वे अगली पीढ़ी को पारंपरिक रस चिकित्सा व व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं।
अनुभवी आचार्यों से सफल एवं आत्मविश्वासी चिकित्सक बनने की व्यावहारिक सीख।
आपातकालीन परिस्थितियों में आयुर्वेद की चिकित्सकीय संभावनाओं एवं प्रबंधन का अनुभव।
वास्तविक रोगियों की चिकित्सा, IPD व्यवस्था एवं उपचार पद्धति को करीब से देखने का अवसर।
शास्त्रीय अग्निकर्म की व्यावहारिक समझ।
शल्य एवं वेदना प्रबंधन की प्राचीन आयुर्वेदिक विधि का प्रत्यक्ष परिचय।
विभिन्न रोगों में पंचकर्म के चयन, प्रयोग एवं चिकित्सकीय दृष्टिकोण को समझने का अवसर।
आयुर्वेद के आध्यात्मिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पक्ष को अनुभव करने का अवसर।
औषधियों के निर्माण, उपयोग एवं चिकित्सकीय अनुप्रयोग का अनुभव।
जीवंत औषधीय पौधों को देखकर उनकी पहचान, उपयोग एवं महत्व समझने का अवसर।
भारतीय चिकित्सा एवं जीवन पद्धति में गो-संस्कृति की भूमिका को समझने का अवसर।
केवल रोग नहीं, बल्कि दोष-धातु-मल, अग्नि, प्रकृति एवं सम्प्राप्ति के आधार पर रोगी को समझने की दृष्टि।
संहिताओं में वर्णित सिद्धांतों को वास्तविक चिकित्सकीय परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर।
पुस्तकों में न मिलने वाले अनुभवजन्य ज्ञान एवं चिकित्सकीय दृष्टिकोण को सीखने का अवसर।
विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों के लिए वास्तविक चिकित्सा की समझ और आत्मविश्वास विकसित करने का अनुभव।
नए चिकित्सकीय संपर्क, विचार-विनिमय एवं आयुर्वेदिक नेटवर्किंग का अवसर।
देश के सुप्रसिद्ध आचार्यों एवं वरिष्ठ वैद्यों का प्रत्यक्ष सानिध्य
संस्थापक - निसर्ग आयुर्वेदम
30 वर्षों से शुद्ध आयुर्वेद चिकित्सा का अनुभव।
संस्थापक नक्षत्र आयुर्वेदम्
नक्षत्र आयुर्वेदम् हॉस्पिटल समूह के मुख्य चिकित्सक।
विद्धकर्म अग्निकर्म तज्ञ
भारत एवं नेपाल सरकार द्वारा पुरस्कृत, वैद्यरत्न 2025।
अष्टांग आयुर्वेद हॉस्पिटल
20 वर्षों से विशुद्ध आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा का सघन अनुभव।
संस्थापक- आयुष ग्राम (ट्रस्ट), चित्रकूट धाम उ०प्र०
गुरुः राष्ट्रीय आयु० वि० (आयुष मंत्रालय, भारत सरकार)
राशि 100% Refundable है जो कार्यक्रम के बाद वापस कर दी जाएगी।
फॉर्म सबमिट होने के बाद आपका स्थान शत-प्रतिशत सुरक्षित हो जाएगा।
सभी प्रतिभागियों को गो घृत से निर्मित व्यंजन अल्पाहार, भोजन की व्यवस्था तथा रजिस्ट्रेशन किट, प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क आवासीय व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी।
"चित्रकूट सब दिन बसत, प्रभु सिय लखन समेत।"
"आयुर्वेद श्रेष्ठता के १५० से अधिक वर्ष"
प्रबंध निदेशक - श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड, मुंबई
धन्वन्तरि भवन | चित्रकूट धाम
सूरजकुंड रोड (आयुष ग्राम मार्ग), चित्रकूट धाम, उ०प्र० 210205